जिला पंचायत की तबादला एक्सप्रेस ने चहेते क़ो सेट करने डेढ़ महीने में किये तीन तवादले*
– _प्रतीक खरे_
*छतरपुर।* जिला पंचायत में सहायक यंत्रियों की पोस्टिंग को लेकर बड़ा ‘खेला’ सामने आया है। आरोप है कि अपने एक ‘चहेते’ एसडीओ को मनचाही जगह सेट करने के लिए अफसरों ने डेढ़ महीने में ही नियमों को ताक पर रखकर तबादलों की झड़ी लगा दी।
मामला यूं शुरू हुआ। जनपद पंचायत बिजावर में पदस्थ एक सहायक यंत्री को भारी अनियमितताओं के चलते तत्कालीन सीईओ ने जिला पंचायत छतरपुर में अटैच कर दिया था। महीनों से अटैचमेंट झेल रहे इन्हीं साहब को बड़ामलहरा में बिठाने के लिए पूरी बिसात बिछाई गई।
पहले बिजावर के सहायक यंत्री रिटायर हुए। मौके का फायदा उठाकर अटैच एसडीओ को लवकुशनगर और लवकुशनगर वाले एसडीओ को बिजावर भेज दिया गया। खेल यहीं खत्म नहीं हुआ। महज 15 दिन बाद बिना किसी शिकायत या ठोस कारण के बड़ामलहरा वाले एसडीओ को लवकुशनगर और लवकुशनगर वाले को बड़ामलहरा ट्रांसफर कर दिया गया।
चर्चा है कि इन तबादलों के पीछे एकमात्र मकसद जिला पंचायत में अटैचमेंट की ‘सजा’ काट रहे साहब को बड़ामलहरा की कुर्सी दिलाना था। डेढ़ महीने में तीन जनपदों के एसडीओ की अदला-बदली देखकर विभाग के लोग भी हैरान हैं।
सवाल उठ रहा है कि जब शिकायत नहीं, प्रशासनिक जरूरत नहीं, तो फिर इतनी तेजी से तबादले क्यों? क्या जिला पंचायत की कुर्सी से अब ‘पसंद-नापसंद’ के आधार पर जनपदों की इंजीनियरिंग चल रही है? फिलहाल जवाब किसी के पास नहीं, पर ‘तबादला एक्सप्रेस’ की रफ्तार ने सबको चौंका जरूर दिया है।
