फफूंद लगी दवा से गर्भवती की जिंदगी से खिलवाड़!
सुनवाहा उप स्वास्थ्य केन्द्र की बड़ी लापरवाही उजागर, पांच माह की गर्भवती को थमा दी खुली और फफूंद लगी कैल्शियम टेबलेट
विनोद कुमार जैन
बकस्वाहा संवाददाता
बकस्वाहा। सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत एक बार फिर सुनवाहा उप स्वास्थ्य केन्द्र में सामने आई है। यहां पांच माह की गर्भवती महिला को खुली और फफूंद लगी कैल्शियम की दवा दिए जाने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार ग्राम सुनवाहा निवासी 22 वर्षीय हेमा नामदेव, पति अमित नामदेव, शुक्रवार को नियमित जांच और उपचार के लिए उप स्वास्थ्य केन्द्र सुनवाहा पहुंची थीं। आरोप है कि केन्द्र में मौजूद स्टाफ द्वारा उन्हें कैल्शियम की ऐसी टेबलेट दी गई जो खुली हुई थी और जिस पर फफूंद जमी हुई दिखाई दे रही थी
हेमा नामदेव ने दवा लेते समय जब टेबलेट को गौर से देखा तो उस पर सफेद धब्बे और फफूंद नजर आई। इसके बाद परिजनों को जानकारी दी गई। मामला सामने आने पर परिजनों और ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। लोगों का कहना है कि गर्भवती महिलाओं को इस प्रकार की खराब दवा देना उनकी जान के साथ सीधा खिलवाड़ है।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सुनवाहा उप स्वास्थ्य केन्द्र में लंबे समय से गंदगी का अंबार लगा हुआ है। परिसर में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। अस्पताल परिसर और कमरों में अव्यवस्था के कारण मरीजों और उनके परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि जब स्वास्थ्य केन्द्र खुद अपनी व्यवस्था और स्वच्छता नहीं संभाल पा रहा है, तो मरीजों की देखभाल किस प्रकार की जा रही होगी, इसका अंदाजा सहज लगाया जा सकता है
घटना ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और दवा वितरण व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
मामले को लेकर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. सत्यम आसाटी ने कहा कि यदि गर्भवती महिला को फफूंद लगी दवा दी गई है तो यह गंभीर लापरवाही है। मामले की जांच कर दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
