राजनगर बीआरसी ने समूह के खाते में डाली डबल राशि, वेतन से होगी वसूली
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प्रतीक खरे,
छतरपुर / अपनी लचर और लापरवाहीपूर्ण कार्यशैली को लेकर हमेशा शिक्षा विभाग की किरकिरी कराने वाले राजनगर विकास खंड श्रोत समन्वयक अतुल चतुर्वेदी अब जिला पंचायत के अनुशासनप्रिय मुख्य कार्यपालन अधिकारी नमः शिवाय अर्जरिया के निशाने पर आ गए हैं। श्री अर्जरिया ने कड़ा पत्र जारी किया है, जिसने श्री चतुर्वेदी की नींद उड़ा कर रख दी है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राजनगर विकास खंड क्षेत्र के स्कूलों में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना अंतर्गत भोजन पकाने, परोसने, एवं भंडारण के लिए नवीन बर्तन क्रय किए जाने थे। इस कार्य के लिए प्रत्येक विद्यालय के लिए 20-20 हजार रुपये की राशि निर्धारित की गई थी। राजनगर बीआरसी अतुल चतुर्वेदी ने घोटाले को अंजाम देने के लिए सबसे पहले जिला पंचायत को शा. प्राथमिक शाला मानपुरा का गलत डाइस कोड दे दिया और फिर शा. मा. शाला उदयपुरा में संचालित महिला विकास स्व. सहायता समूह के स्टेट बैंक में संचालित खाता क्रमांक 30278303584 के खाते में दोहरी राशि यानी 40 हजार रुपये डालकर बंदरबांट कर लिया। लेकिन यह मामला जिला पंचायत की नजर से बच नहीं सका।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने अंतिम चेतावनी देते हुए 13 मार्च को लिखे गए अपने पत्र क्रमांक 1150 में श्री चतुर्वेदी को उक्त बीस हजार रुपये की राशि अविलंब जिला पंचायत के खाते में जमा कराने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि यदि यह राशि तुरंत जमा नहीं कराई गई तो बीआरसी अतुल चतुर्वेदी के वेतन से खुर्द-बुर्द की गई शासकीय राशि का एकतरफा समायोजन कर लिया जाएगा।
बताते चलें कि बीआरसी राजनगर राजनैतिक संरक्षण प्राप्त अधिकारी हैं, जिस कारण वे अपने वरिष्ठ अधिकारियों के पत्रों को ज्यादा महत्व नहीं देते हैं। अभी पिछले महीने यानी फरवरी में डीपीसी अरुण शंकर पांडेय ने उन्हें भ्रमण का टारगेट पूरा न करने पर फटकार लगाते हुए पत्र जारी कर 3 दिवस में जवाब मांगा था, और तीन दिवस तो दूर उन्होंने अभी तक डीपीसी के पत्र का समाधानपूर्ण जवाब नहीं दिया।
