10/14/2026

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दरगुवा के पीएम श्री स्कूल में 36 लाख की वित्तीय गड़बड़ी उजागर

  1. *बिना निविदा-बिल के भुगतान, प्रभारी प्राचार्य समेत कई पर कार्रवाई की तैयारी*

*विनोद कुमार जैन
संवाददाता बकस्वाहा*

वकस्वाहा :- छतरपुर जिले के शिक्षा विभाग में वित्तीय अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है। बकस्वाहा ब्लॉक के पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दरगुवा में करीब 36 लाख रुपए की वित्तीय गड़बड़ी उजागर होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। जांच रिपोर्ट में भंडार क्रय नियमों और वित्तीय प्रक्रिया का उल्लंघन सामने आने के बाद प्रभारी प्राचार्य, संयुक्त खातेदार और एक शिक्षक सहित अन्य संबंधितों के खिलाफ निलंबन सहित विभागीय कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।

मामले की शिकायत मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के निर्देश पर गठित जांच समिति ने विद्यालय में वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। जांच प्रतिवेदन में सामने आया कि कई भुगतान बिना बिल, बिना अनुबंध, बिना निविदा और बिना भौतिक सत्यापन के किए गए। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई मामलों में भुगतान से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध ही नहीं कराए गए।

जांच के दौरान पाया गया कि केशरीनंदन ट्रेडर्स, छतरपुर के नाम से प्रस्तुत 1.80 लाख रुपए के बिल के विरुद्ध भुगतान कल्पना कंस्ट्रक्शन को किया गया, जबकि ऐसा करने के लिए कोई प्रस्ताव या कार्यादेश अभिलेखों में नहीं मिला। इसी प्रकार 90 हजार, 1.80 लाख सहित अन्य कई भुगतान ऐसे फर्मों और व्यक्तियों को किए गए जिनके बिल और अभिलेख रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं पाए गए।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि अशोक कुमार राय को 1.77 लाख रुपए तथा शुभम मिश्रा को 1.64 लाख रुपए का भुगतान बिना किसी अनुबंध पत्र या कार्यादेश के किया गया। इसके अलावा विद्यालय में दीवार पेंटिंग के कार्य में भी नियमों की अनदेखी सामने आई, जहां अरविंद पेंटर को तीन अलग-अलग तिथियों में भुगतान किया गया, लेकिन न तो निविदा प्रक्रिया अपनाई गई और न ही कार्य की गुणवत्ता का किसी समिति द्वारा सत्यापन कराया गया।

जांच में यह भी सामने आया कि मध्यप्रदेश शासन के 15 नवंबर 2019 के आदेश के अनुसार विद्यालय में प्रबंधन एवं विकास समिति, भवन समिति और शैक्षणिक समिति का गठन नहीं किया गया था, जबकि वित्तीय निर्णयों के लिए इन समितियों का होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त खेल सामग्री, प्रयोगशाला सामग्री और अन्य क्रय की गई वस्तुएं स्टॉक पंजी में दर्ज नहीं पाई गईं और उनका भौतिक सत्यापन भी नहीं कराया गया।

जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि प्रभारी प्राचार्य प्रार्थना अहिरवार नवनियुक्त शिक्षक हैं और उन्हें वित्तीय कार्यों का पर्याप्त अनुभव नहीं है, हालांकि अनुभवहीनता को नियमों के उल्लंघन का आधार नहीं माना जा सकता। रिपोर्ट में संयुक्त खातेदार श्रीराम तिवारी की भूमिका भी संदिग्ध बताते हुए दोनों की मिलीभगत से वित्तीय अनियमितताएं होने की आशंका जताई गई है। समिति ने पूरे प्रकरण में वास्तविक अनियमित व्यय का निर्धारण करने के लिए विधिवत ऑडिट कराने की अनुशंसा की है।

प्रकरण को लेकर बड़ामलहरा विधानसभा क्षेत्र की विधायक रामसिया भारती ने 15 जनवरी 2026 को कार्रवाई की मांग करते हुए पत्र लिखा था। इसके बाद जिला प्रभारी मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने भी मामले में संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा जांच प्रतिवेदन संयुक्त संचालक लोक शिक्षण सागर को भेज दिया गया है, जहां फिलहाल प्रकरण विचाराधीन है। जिला शिक्षा अधिकारी अरुण शंकर पांडे ने बताया कि संबंधित फाइल वर्तमान में जे.डी. कार्यालय सागर में लंबित है और वहां से आदेश प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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