_आम जन का दिल जीत रही कलेक्टर की गुडगवर्नेश_ –
_प्रतीक खरे_
छतरपुर / लम्बे समय बाद छतरपुर जिले की जनता अच्छे प्रशासनिक अनुभवों को महसूस कर रही है। खासतौर पर जनसुनवाई में दिखी कलेक्टर पार्थ जायसवाल की गुड गवर्नेश ने आम जनता का दिल जीत लिया है। प्रत्येक मंगलवार को जिला पंचायत के सभा कक्ष में आयोजित होने वाली जन सुनवाई अरसे से छतरपुर जिले में सिर्फ खाना पूर्ति बनी हुई थी, लोग अपनी शिकायतों के पुलिंदा लाते थे और आश्वासन का झुनझुना लेकर वापस लौट जाते थे, लेकिन अब इसी जनसुनवाई को कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने भरोसेमंद बना दिया है। कलेक्टर द्वारा आम जनता के दिल में पैदा किया गया यह भरोसा सालों साल तक याद किया जाएगा।
बताते चलें कि अभी हाल ही में कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने जन सुनवाई में जो निर्णय लिए हैं, वह मील का पत्थर साबित हो गए हैं।
_केश नंबर :-1_
एक पंचायत सचिव वर्षों से प्रशासनिक ठिलमुसरी का शिकार हो रहा था, उसे सालों साल से उतनी वेतन दी जा रही थी, जितने में उसका परिवार महीने भर चाय नाश्ता भी नहीं कर सकता था। पिता की आर्थिक तंगी से तंग आकर उसकी मासूम बेटी ने जनसुनवाई में पहुंच कर कलेक्टर पार्थ जायसवाल को पूरी बात बताई, उसके परिवार की किस्मत ही पलट गई। कलेक्टर ने ऑन दा स्पॉट फैसला लेते हुए उक्त पंचायत सचिव के सारे बेतन मान और इंकरीमेन्ट लगा दिए, परिणाम स्वरूप बेटी की आँखों से खुशी के आंसू बहने लगे।
_केश नंबर :-2_
जन सुनवाई में अचानक तीन ऐसे गरीब ग्रामीण पहुंचते हैं, जो वर्षों से पेंशन के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे थे, पर उन्हें पेंशन नहीं मिल पा रही थी। कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने तीनों गरीबों की बात सुनी, तो द्रवित हो उठे, बस फिर क्या था, ऑन दा स्पॉट तीनों की पेंशन स्वीकृत कर दी गई। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है कि मौके पर बोल्ड फैसला लेना हर किसी के बस की बात नहीं, ऐसे बोल्ड और जन हितैसी निर्णय सिर्फ कलेक्टर पार्थ जायसवाल ही ले सकते हैं।
