गुणवत्ता की जानकारी हर नागरिक तक पहुँचे, तभी सशक्त उपभोक्ता-सुरक्षित भारत संभव” — डॉ. मुकेश कुमार पटेल
विनोद कुमार जैन
वकस्वाहा संवाददाता।
बकस्वाहा ।उपभोक्ता अधिकारों और गुणवत्ता मानकों के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शासकीय महाविद्यालय बकस्वाहा में निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई। भारतीय मानक ब्यूरो, भोपाल के तत्वावधान में महाविद्यालय के बीआईएस क्लब एससी-5637 द्वारा “सशक्त उपभोक्ता, सुरक्षित भारत : गुणवत्ता की पहचान अब हर नागरिक के हाथ” विषय पर यह आयोजन श्री अंकुश जैन के मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण में सम्पन्न हुआ।
प्रतियोगिता में महाविद्यालय के 20 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने उपभोक्ता अधिकार, गुणवत्ता मानक तथा आईएसआई चिन्ह की पहचान के महत्व पर अपने विचार रखे। विद्यार्थियों ने बताया कि सजग उपभोक्ता ही बाजार में होने वाले शोषण से बच सकता है और यही जागरूकता राष्ट्र को सुरक्षित एवं सशक्त बनाती है।
निर्णायक मंडल ने भाषा-शैली, विषय की समझ, मौलिकता और प्रस्तुतीकरण के आधार पर मूल्यांकन किया।
प्रथम स्थान बीएससी चतुर्थ वर्ष की छात्रा रोशनी अहिरवार को प्राप्त हुआ, जिन्हें एक हजार रुपये एवं प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।
द्वितीय स्थान बीएससी तृतीय वर्ष की उर्मिला राय को 750 रुपये,
तृतीय स्थान बीएससी द्वितीय वर्ष की वंदना लोधी को 500 रुपये तथा
चतुर्थ स्थान बीएससी द्वितीय वर्ष की उर्मिला वर्मा को 250 रुपये की राशि देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. पुष्पा सामवेदी ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी बाजार में उपभोक्ता को सजग रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे मानक चिन्हों की पहचान स्वयं भी करें और समाज को भी इसके प्रति जागरूक बनाएं।
इस अवसर पर डॉ. मनोज कुमार चौरसिया, डॉ. चौरयाल, डॉ. अशोक मिश्रा, श्री रामप्रकाश कुशवाहा, श्री प्रेम आशीष, सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को समय की आवश्यकता बताया।
समापन अवसर पर बीआईएस क्लब के मेंटर डॉ. मुकेश कुमार पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि गुणवत्ता मानकों की जानकारी प्रत्येक नागरिक तक पहुँचना जरूरी है। उन्होंने आईएसआई चिन्ह की पहचान, मानक उत्पादों के उपयोग और उपभोक्ता के अधिकारों की जानकारी को दैनिक जीवन से जोड़ते हुए कहा कि जब नागरिक जागरूक होगा तभी “सशक्त उपभोक्ता, सुरक्षित भारत” का लक्ष्य साकार होगा।
