कलेक्टर और केन बेतवा प्रभावितों के बीच डेढ़ घंटे चली बातचीत, “न्याय नहीं तो बांध नहीं” आंदोलन स्थगित
“कलेक्टर से बातचीत से प्रभावितों को राहत, की आश, हमारा लक्ष्य न्याय है” — अमित भटनागर
छतरपुर// केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित गांवों के मुद्दों को लेकर आज प्रतिनिधिमंडल की जिला कलेक्टर पार्थ जायसवाल के साथ लगभग डेढ़ घंटे तक विस्तृत और सार्थक चर्चा हुई। बैठक में एसडीएम विजय द्विवेदी सहित प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।
लंबी वार्ता के बाद प्रशासन की सकारात्मक पहल को देखते हुए प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार से प्रस्तावित “न्याय नहीं तो बंद नहीं” आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया।
सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने कहा कि कलेक्टर से हुई बातचीत से प्रभावित परिवारों को राहत मिलती दिख रही है, लेकिन उनका अंतिम उद्देश्य न्याय सुनिश्चित करना है और यदि निर्णय जमीन पर लागू नहीं हुए तो आंदोलन फिर तेज किया जाएगा, उन्होंने स्पष्ट किया कि हमने आंदोलन बंद नहीं किया, कलेक्टर महोदय की पहल सिर्फ स्थगित किया है।
बैठक में प्रशासन एवं प्रभावित ग्रामीणों के बीच संवाद बढ़ाने तथा कानून का पालन करते हुए मानवीय, आदिवासी एवं महिला अधिकारों को प्राथमिकता देने पर सहमति बनी।
बैठक में हुए प्रमुख निर्णय
परियोजना की पूरी प्रक्रिया कानून का पालन करते हुए आगे बढ़ाई जाएगी।
आदिवासी अधिकार, महिला अधिकार और मानवीय पहलुओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रशासन एवं प्रभावितों के बीच संवाद बनाए रखने के लिए प्रतिनिधिमंडल लगातार कलेक्टर से संपर्क में रहेगा।
महिलाओं पर पुलिस द्वारा हुए लाठीचार्ज की जांच कर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
वोप्रभावित गांवों में ग्राम सभा, आम सभा एवं महिला सभा का आयोजन कराया जाएगा।
परियोजना क्षेत्र का पुनः सर्वे कराया जाएगा।
* विस्थापन की स्थिति में गांव के बदले सर्वसुविधायुक्त गांव बसाने का आश्वासन।
प्रभावितों के जरूरी दस्तावेज बनवाने में सरकारी सहायता दी जाएगी।
जिन मछुआरों के पास समिति व मछुआरों को उनके अधिकारों व मुआवजा।
मंदिर, मस्जिद, मठ सहित सभी धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का सर्वे कर ट्रस्ट बनाकर उचित राशि दी जाएगी।
लावारिस, नाबालिग, दिव्यांग एवं कमजोर वर्गों के मामलों पर संवेदनशीलता से विचार किया जाएगा।
इन मांगों को कलेक्टर द्वारा शासन को भेजने का आश्वासन दिया गया।
महिला एवं पुरुष दोनों के संयुक्त नाम पर 5 एकड़ जमीन देने की मांग।
महिलाओं के लिए अलग पैकेज राशि का प्रावधान।
आंदोलन पर निर्णय
अमित भटनागर ने कहा कि परियोजना में कानून का पालन न होने और उचित मुआवजा न मिलने के कारण बांध कार्य को रोका गया था तथा “न्याय नहीं तो बाँध नहीं” आंदोलन के तहत पुनः रोकने की तैयारी थी। उन्होंने कहा कि प्रशासन की सकारात्मक पहल को देखते हुए फिलहाल आंदोलन स्थगित किया गया है।
“कलेक्टर पार्थ जायसवाल के नेतृत्व में प्रशासन ने सार्थक पहल की है, जिसका हम स्वागत करते हैं और भरोसा जताते हैं। हमें संवाद से राहत मिली है, पर हम डरकर नहीं बल्कि न्याय लेकर ही रुकेंगे। यदि निर्णय जमीन पर लागू नहीं हुए और सिर्फ कागज तक सीमित रहे, तो इस बार आंदोलन और व्यापक होगा जिसमें सैकड़ों गांव, सामाजिक कार्यकर्ता, पर्यावरण प्रेमी और आदिवासी अधिकारों के लिए काम करने वाले लोग शामिल होंगे।”
अमित भटनागर
बैठक में उपस्थित
कलेक्टर – पार्थ जायसवाल
एसडीएम – विजय द्विवेदी
प्रतिनिधिमंडल –सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर, वरिष्ठ अधिवक्ता व कानून विशेषज्ञ एम.एस. खरे, पार्षद दिव्या अहिरवार, बिहारी आदिवासी,पलकौहा पूर्व सरपंच चूरा अहिरवार, चंद्र प्रताप परमार।
