कानून बेबस, शराब माफिया बेखौफ, ईशानगर में खुलेआम गांव-गांव सप्लाई हो रही अवैध शराब
-राजू खरे ईशानगर
छतरपुर /ईशानगर क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार ने अब सिस्टम को खुली चुनौती दे दी है। अंग्रेजी कंपोजिट शराब दुकान से निकलकर शराब सब्जी की तरह फेरी लगाकर गांव-गांव बेची जा रही है, लेकिन जिम्मेदार महकमे आंखें मूंदे बैठे हैं। दिदोल तिगेला के पास पावर प्लांट के सामने का वायरल वीडियो प्रशासन की नाक के नीचे चल रहे काले कारोबार की पोल खोलता है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि बगैर नंबर की दो TVS रेडियॉन बाइक पर तीन युवक 6 पेटी शराब खुलेआम ढो रहे हैं। न कोई डर, न कोई रोक-टोक—मानो कानून नाम की चीज यहां है ही नहीं।
सबसे गंभीर बात यह है कि यह सब अंग्रेजी कंपोजिट शराब दुकान की मिलीभगत के बिना संभव नहीं माना जा सकता। सवाल उठता है कि बिना नंबर के वाहनों को कौन संरक्षण दे रहा है। आबकारी विभाग और पुलिस आखिर किस दबाव में चुप है। क्या ईशानगर अवैध शराब का सुरक्षित गलियारा बन चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध शराब के कारण युवाओं में नशा, घरों में कलह और क्षेत्र में अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन की चुप्पी संदेह पैदा कर रही है और माफिया के हौसले और बुलंद कर रही है।
*अब सिर्फ जांच नहीं, सख्त कार्रवाई जरूरी वायरल वीडियो के आधार पर*
तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी, शराब दुकान का लाइसेंस निरस्त, जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। अगर अब भी प्रशासन नहीं जागा, तो जनता यह मानने को मजबूर होगी कि यह अवैध शराब नहीं, बल्कि सिस्टम की सहमति से चल रहा धंधा है।
