बॉर्डर में खुले आम लूट की दुकान चला रहा आरटीओ विभाग
छतरपुर/ जिले में आरटीओ विभाग भ्रष्टाचार का पर्याय बन चुका है, जहाँ चेकिंग के नाम पर ‘सरेआम लूट’ का खेल चल रहा है। अधिवक्ता रवि पांडेय ने विभाग की पोल खोलते हुए बताया कि सागर-कानपुर हाईवे पर स्थित उजरा गांव में आरटीओ के कर्मचारी और अधिकारी लुटेरों की तरह व्यवहार कर रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वसूली के इस गंदे धंधे में सरकारी कर्मचारियों के साथ प्राइवेट गुंडे तैनात किए गए हैं, जो प्रदेश की सीमा से गुजरने वाले ट्रक चालकों को डरा-धमकाकर अवैध वसूली कर रहे हैं।
अधिवक्ता ने सीधे तौर पर विभाग के कर्मचारी मनीष खरे और वरिष्ठ अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि चेकिंग का ढोंग रचकर मध्य प्रदेश की छवि को धूमिल किया जा रहा है। परिवहन विभाग की इस गुंडागर्दी से परेशान होकर अब ट्रांसपोर्ट यूनियन के साथ इसकी शिकायत करेंगे, वरिष्ठ स्तर पर शिकायत कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
